कार्यक्रम
गजब साहित्यकारों के अजब किस्से
- संस्मरण
- 17 जनवरी 2021 से आज तक हर बृहस्पतिवार
- डॉ हरीश नवल
दिवंगत साहित्यकारों की याद में 17 जनवरी 2021 से एक शृंखला प्रारंभ की गई…”गजब साहित्यकारों के अजब किस्से”। इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण फेसबुक और यूट्यूब चैनल से एक साथ प्रत्येक गुरुवार को रात्रि 8.00 बजे किया जाता रहा है। इस कार्यक्रम को विश्व विख्यात व्यंग्यकार डॉ. हरीश नवल जी द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम ने 114 कड़ियों का सजीव प्रसारण कर विश्व कीर्तिमान बनाया है। “गजब साहित्यकारों के अजब किस्से” अब इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण “साहित्य कला संस्कृति के रंग हरीश नवल के संग” नाम से किया जा रहा है।

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साहित्य कला संस्कृति के रंग हरीश नवल के संग विषय-“एक गृहस्थ योगी का गुरु मंत्र ‘
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‘साहित्य कला संस्कृति के रंग हरीश नवल के संग ‘
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साहित्य कला संस्कृति के रंग हरीश नवल के संग श्रम संस्कार और बाबा आमटे
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साहित्य कला संस्कृति के रंग हरीश नवल के संग विषय : सिनेमा और संयोग
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साहित्य ,कला,संस्कृति के रंग हरीश नवल के संग
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साहित्य ��ला संस्कृति के रंग हरीश नवल के संग
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साहित्य ,कला,संस्कृति के रंग हरीश नवल के संग
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साहित्य कला संस्कृति के रंग हरीश नवल के संग
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साहित्य कला संस्कृति के रंग डॉक्टर हरीश नवल के संग
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बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न साहित्यकार हरीश नवल जी के साथ बात करेंगी विनीता काम्बीरी
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ग़ज़ब साहित्यकारों के.. -प्रो०सुरेश ऋतुपर्ण ,प्रसिद्ध साहित्यकार,सम्पादक प्रस्तोता-डॉ हरीश नवल
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ग़ज़ब साहित्यकारों के अजब क़िस्से/प्रस्तोता-डॉ हरीश नवल/कथाकार,चिंतक,नासिरा शर्मा
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ग़ज़ब साहित्यकारों के-प्रस्तोता-डॉ हरीश नवल/संस्मरणकार एवं नाट्यकर्मी-वीणा विज
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ग़ज़ब साहित्यकारों के ....107 वीं कड़ी प्रस्तोता डॉ हरीश नवल/विदेश में हिंदी प्रवक्ता डॉ. विजया सती
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ग़ज़ब साहित्यकारों के अजब क़िस्से -105 वीं कड़ी रूससे हिंदी सेवी साहित्यकार/इंद्रजीत सिंह